प्रश्नकाल में उठे सवालों पर बोले स्वास्थ्य मंत्री- एक माह में मिलेंगे 300 डॉक्टर

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News Uttaranchal :   बजट सत्र के चौथे दिन सदन में सवालों का जवाब देने के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का दिन तय था। प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव व डॉक्टरों की कमी को लेकर विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों के सवाल कर मंत्री को घेरा।

बृहस्पतिवार को सदन में कांग्रेस विधायक विरेंद्र जाती ने प्रदेश में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड एक्ट के मानकों के रूप डॉक्टरों की तैनाती का सवाल उठाया। भाजपा विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को 100 से 150 किमी दूर आना पड़ता है। निर्दलीय विधायक संजय डोभाल ने उत्तरकाशी में गायनी विशेषज्ञ डॉक्टर न होने, भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने प्रदेश भर में स्वीकृत पदों के सापेक्ष विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का सवाल उठाया।

विपक्ष का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री से प्रश्न किया गया था कि प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। जिसका लिखित में जवाब दिया गया नहीं। दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री सदन में जानकार दे रहे हैं कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के 1236 पदों में से 536 डॉक्टर की कार्यरत हैं।

 

एक महीने में मिलेंगे 300 डॉक्टर, पहाड़ों में होगी तैनाती
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एक महीने के भीतर स्वास्थ्य विभाग को 300 नए डॉक्टर मिलेंगे। इन डॉक्टरों की तैनाती पर्वतीय क्षेत्रों की जाएगी, जहां पर डॉक्टरों की कमी है। 2027 तक राज्य में 90 प्रतिशत विशेषज्ञ डॉक्टर तैनाती के लिए सरकार प्रयासरत है।

कांग्रेस विधायक विरेंद्र जाती के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डॉक्टरों के कुल 2852 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 2442 डॉक्टर कार्यरत हैं। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के कुल 1236 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 536 डॉक्टर तैनात हैं। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों से अप्रैल महीने में 300 एमबीबीएस डॉक्टर पासआउट होंगे।

इन डॉक्टरों को प्रदेश के अस्पतालों में नियुक्त किया जाएगा। हरिद्वार जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए 927 डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए गए हैं। कपकोट में जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से 171 असिस्टेंट प्रोफेसरों का चयन किया गया। 22 मार्च को रोजगार मेले के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

उप जिला चिकित्सालय गैरसैंण में स्वास्थ्य सुविधा नहीं

गैरसैंण के उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। साथ ही अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। सदन में भाजपा विधायक अनिल नौटियाल ने गैरसैंण में उप जिला अस्पताल के लिए सरकार का आभार जताया, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से सरकार का ध्यान भी आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि उप जिला अस्पताल में सरकार कब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करेगी। इसके अलावा सिमली बेस अस्पताल में भी शुरू नहीं हो पाया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द ही डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर बेस अस्पताल सिमली को शुरू किया जाएगा।

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