लोकसभा चुनाव में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गर्भवती महिलाएं डोली में बैठ कर वोट डालने जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों को डोली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कमर कस ली है। दुर्गम क्षेत्रों में 85 वर्ष से अधिक और दिव्यांग मतदाताओं को डोली की सुविधा मिलेगी।
प्रदेश में पहले चरण के लोकसभा चुनाव के लिए 19 अप्रैल को मतदान होना है। निर्वाचन विभाग इस बार चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जन जागरूकता के साथ ही विशेष अभियान भी चला रहा है। इसके तहत प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। जिसमें उन्होंने विभाग को पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग, बुजुर्ग और गर्भवती महिला मतदाताओं को मतदान स्थल तक पहुंचाने के लिए डोली की व्यवस्था करने के आदेश दिए।
इसके अलावा 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं और दिव्यांगों को भी यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को डोली सुविधा के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए डोली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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