Online Desk : अमेरिका-कनाडा बॉर्डर के पास एक और फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखा। अमेरिकी एयर फोर्स ने इसे मार गिराया है। ये पिछले एक हफ्ते में गिरा गया चौंथा फ्लाइंग ऑब्जेक्ट है। अब इसके मलबे की तलाश की जा रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बॉर्डर पर दिखे इस फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेरिकी फाइटर जेट ने कार्रवाई की।
एक बयान में कहा गया कि चौंथे फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को अमेरिकी समय के मुताबिक, रविवार देर रात 2:42 बजे एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट ने मार गिराया। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा- लेक हूरों में दिखा चौंथा संदिग्ध फ्लाइंग ऑब्जेक्ट ऑक्टागोनल स्ट्रक्चर का था। इसमें से कुछ तार लटक रहे थे। हालांकि, इससे मिलिट्री को किसी तरह का कोई खतरा नहीं था।
उन्होंने कहा- ये जमीन से 20 हजार फीट ऊपर उड़ा रहा था, इसलिए ये सिविल एविएशन के लिए खतरा बन सकता था। इससे कॉमर्शियल फ्लाइट्स को खतरा था। वहीं, इसके आबादी के ऊपर गिरने की आशंका भी थी, इसलिए इसे मार गिराया गया। अमेरिकी प्रशासन ने इस मामले से जुड़ी कोई फोटो या फुजेट जारी नहीं किया है।
एलियंस की मौजूदी को नजरअंदाज नहीं कर सकते- अमेरिकी सैन्य अधिकारी
एक अमेरिकी वायुसेना अधिकारी का कहना कि एलियंस की मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने ये बात अमेरिकी आसमान में दिखे फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स के सिलसिले में कही। अमेरिकी जनरल ग्लेन वानहर्क ने कहा- एलियंस या किसी और वस्तु के होने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है। सेना जांच कर रही है कि स्पाई बैलून के अलावा जो 3 फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखे हैं वो कहां से आए हैं। मैं खुफिया एजेंसी और काउंटर इंटेलिजेंस को इस बारे में जांच करने दूंगा, मैंने किसी भी चीज से इनकार नहीं किया है।
पहले भी अमेरिका में 2, कनाडा में एक ऑब्जेक्ट दिखा था
अमेरिका में पहले भी इसी तरह के दो और कनाडा में एक ऑब्जेक्ट देखा गया था। अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडेन और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इन्हें मार गिराने के आदेश दिए थे। इसके बाद अमेरिकी एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने एक्शन लिया और सभी ऑब्जेक्ट्स को मार गिराया। इसी तरह की घटना चीन में भी हुई। वहां भी 12 फरवरी को क्विंगदाओ शहर के समुद्री इलाके के ऊपर फ्लाइंग ऑब्जेक्ट देखा गया।
अब विस्तार से समझिए की कब-कब दिखा फ्लाइंग ऑब्जेक्ट…
अमेरिका के मोंटाना शहर में 2 फरवरी को चीनी स्पाई बैलून नजर आया था। यहां एयरफोर्स का स्पेशल बेस है, जहां से इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल ऑपरेट की जाती है। पूरे अमेरिका में ऐसे तीन ही एयरबेस हैं।
5 फरवरी को अमेरिकी वायुसेना ने कैरोलिना तट के पास F-22 फाइटर जेट से इस स्पाई बैलून को मार गिराया था। इस घटना के बाद अमेरिका और चीन में तनाव बहुत तेजी से बढ़ा। चीन ने अमेरिकी के इस कदम पर आपत्ति जताई थी।
10 फरवरी को अमेरिका के अलास्का में एक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखाई दिया था। उस वक्त भी अमेरिकी फाइटर जेट ने 40 हजार फीट की ऊंचाई पर दिखे इस ऑब्जेक्ट को मार गिराया था। इस ऑब्जेक्ट की रफ्तार 64 किमी प्रति घंटे थी। इससे कॉमर्शियल फ्लाइट्स को खतरा था। वहीं, इसके आबादी के ऊपर गिरने की आशंका भी थी।
कनाडा के यूकॉन प्रांत में 12 फरवरी को सिलेंड्रिकल आकार का फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखा था। इसे अमेरिकी फाइटर जेट F-22 ने मार गिराया था। कनाडाई फोर्स जल्द ही इसका मलबा बरामद कर जांच के लिए भेजेगी। इससे जुड़ी फोटो, वीडियो या अन्य जानकारी जारी नहीं की गई।
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