News Uttaranchal : Surya Grahan 2023 : वर्ष का पहला सूर्यग्रहण गुरुवार को लगने जा रहा है। यह हाईब्रिड सूर्यग्रहण दुनिया के सीमित हिस्सों में हो देखा जा सकेगा। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के निदेशक प्रो. दीपांकर बनर्जी ने बताया कि इस वर्ष चार ग्रहण लगेंगे। इनमें दो सूर्य व दो चंद्र ग्रहण होंगे। 20 अप्रैल को लगने जा रहा ग्रहण हाईब्रिड यानी संकर सूर्यग्रहण होगा।
आपको बता दें इस ग्रहण का पाथ संकरा होने के कारण इसे संकर ग्रहण कहा जाता है। जिस कारण इसे दुर्लभ भी माना जाता है। इसकी पूर्णता का मार्ग उत्तर पश्चिम केप, पश्चिमी आस्ट्रेलिया के एक दूरस्थ प्रायद्वीप के ऊपर से होकर जाएगा।
इसके अलावा पूर्वी तिमोर के पूर्वी भागों में व डामर द्वीप में यह ग्रहण नजर आने वाला है। अंत में इंडोनेशिया में पापुआ प्रांत के कुछ ही हिस्सों में यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण नजर आएगा। भारत में यह ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा। इसके ठीक 15 दिन बाद चंद्रग्रहण होगा। दूसरा सूर्यग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा।
एरीज के पूर्व सौर विज्ञानी डा. वहाबउद्दीन के अनुसार, आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा से सूर्य का केवल एक हिस्सा ढका रहता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा की छाया पूर्ण रूप से सूर्य को ढक लेती है। विज्ञानियों के लिए पूर्ण सूर्य ग्रहण अधिक महत्वपूर्ण होता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की आंतरिक छाया पूर्णरूप से सूर्य को ढक नहीं पाती है और सूर्य के चारों ओर के किनारे ग्रहण से मुक्त रहते हैं। देखने में यह सूर्य ग्रहण बेहद सुंदर होता है। हाइब्रिड सूर्य ग्रहण में पृथ्वी की घुमावदार सतह के चलते कभी-कभी ग्रहण वलयाकार और पूर्ण के बीच स्थानांतरित हो जाता है।
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