Ramcharitmanas Chaupai: मनुष्य का जीवन तीन भाव से बना है, पहला हर्ष, दूसरा शोक और तीसरा भय। हर्ष का अर्थ होता है खुशी, शोक यानी की दुःख और भय मतलब डर। अक्सर सफलता के रास्ते में डर रुकावट पैदा करता है। आमतौर पर इस डर को कम करने के लिए धार्मिक ग्रंथ पढ़ने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती हैं।
हम सभी के जीवन में कई तरह के उतार चढ़ाव आते हैं। इन परिस्थितियों से निकलने के लिए कई बार रास्ते नजर नहीं आते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसीदास द्वारा लिखी गई श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों में जीवन की हर समस्या का समाधान छिपा है। माना जाता है कि इसका पाठ करने से जन्म जन्मांतरों के पाप से मुक्ति, भय, रोग आदि सभी दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन जीने को लेकर नई प्रेरणा का भी प्राप्ति होती है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं उन चमत्कारी चौपाइयों व उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से।
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