YouTube CEO Resigns: यूट्यूब की सीईओ सुसान वोज्स्की ने किया इस्तीफे का एलान, भारतीय मूल के नील संभालेंगे कमान

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Online Desk :   यूट्यूब की सीईओ सुसान वोज्सकी ने इस्तीफे का एलान कर दिया है। Google की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc ने गुरुवार को बताया कि YouTube की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुसान डायने वोज्स्की ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका स्थान भारतीय मूल के अमेरिकी नील मोहन लेंगे। वोज्स्की (54) ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वह अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहती हैं। वह अपनी सेहत और व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देना चाहती हैं। वोज्स्की ने बताया है कि प्रक्रिया पूरी होने तक वे पद पर बनी रहेंगी और वह Google और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक में काम करते हुए एक सलाहकार की भूमिका भी निभाएंगी।

वोज्स्की गूगल की शुरुआती कर्मचारियों में से थीं
सुसान डायने वोज्स्की गूगल की शुरुआती कर्मचारियों में से थीं। इतना ही नहीं वे लगभग 25 वर्षों से Google की पैरेंट कंपनी के साथ हैं। साल 2014 में वह यूट्यूब की सीईओ बनी थीं। अब नौ साल बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि यूट्यूब के ‘चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर’ नील मोहन यूट्यूब के नए प्रमुख होंगे।

मार्केटिंग मैनेजर के रूप में कंपनी में शामिल हुई थीं
उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सही समय है और मैं ऐसा करने में सक्षम महसूस करती हूं क्योंकि हमारे पास YouTube के लिए एक अविश्वसनीय नेतृत्व टीम है। वोज्स्की गूगल में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों और सिलिकॉन वैली में सबसे अधिक प्रोफाइल वाली महिला अधिकारियों में से एक हैं। कंपनी के संस्थापकों को अपना गैराज किराए पर देने के बाद, वह एक शुरुआती मार्केटिंग मैनेजर के रूप में कंपनी में शामिल हुई थीं और Google के विज्ञापन व्यवसाय के रैंकों के माध्यम से आगे बढ़ीं।

2014 में YouTube चलाने की मिली थी जिम्मेदारी
2014 में Google के तत्कालीन-सीईओ लैरी पेज ने YouTube चलाने के लिए वोज्सकी को जिम्मेदीरी दी थी। YouTube एक ऑनलाइन वीडियो कंपनी है, जिसे Google ने 2006 में अधिग्रहित किया था। वर्षों से YouTube ने तेजी से विस्तार किया, लेकिन एक मुनाफेवाली कंपनी बनने के लिए उसे संघर्ष करना पड़ा। वोजसिकी ने टीवी विज्ञापन बाजार को चुनौती देने के लिए YouTube के क्रिएटर्स और मीडिया कंपनियों के साथ इसके संबंधों को बढ़ावा देने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया। लेकिन वोज्सकी को YouTube के सबसे कठिन वर्षों का भी सामना करना पड़ा।

ट्रंप के कार्यकाल में हुई परेशानी
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान यह प्लेटफॉर्म उग्रवाद, गलत सूचना और बाल सुरक्षा के मुद्दों से जूझता रहा। प्रमुख विज्ञापनदाताओं ने 2017 में कई बार इस साइट का बहिष्कार किया। तब वोज्सकी ने धीरे-धीरे विज्ञापनदाताओं के साथ विश्वास वापस बनाया और YouTube की टीवी स्ट्रीमिंग सेवा का विस्तार किया।

भारतीय मूल के अमेरिकी नील मोहन कंपनी की संभालेंगे कमान
इनके बाद भारतीय मूल के अमेरिकी नील मोहन कंपनी की कमान संभालेंगे। नील के कैरियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई थी। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। 2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए थे जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया था। 2015 में Google के विज्ञापन व्यवसाय से YouTube में शामिल होने के बाद नील मोहन वोज्सकी के शीर्ष डिप्टी रहे हैं।

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