संस्थान कार्यकारी निदेशक ने पूर्व में कहा था कि हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्र में जहां सड़क मार्ग के जरिये जरूरतमंदों तक दवाओं को भेजने और वहां से आवश्यक सेंपल एम्स ऋषिकेश तक लाने में बहुत ज्यादा वक्त लगता है। उन स्थानों के लिए ड्रोन सेवा बेहतर विकल्प बन सकती है। इस विकल्प पर उन्होंने काम भी किया, जिसका फलित यह हुआ कि यहां ड्रोन सेवा का परीक्षण सफल रहा। बुधवार को एम्स ऋषिकेश के हेलीपैड पर ड्रोन से दवा भेजने का परीक्षण किया गया। ऋषिकेश से करीब 20 किलोमीटर आसपास क्षेत्र में ड्रोन का दवा के बाक्स के साथ ट्रायल किया गया, यह परीक्षण सफल रहा।
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