News Uttaranchal : उत्तराखंड के रानीखेत में रोशन बानो से रोशनी बनी नर्स ने धर्म परिवर्तन की वजह परिजनों की प्रताड़ना बताया है। हालांकि परिजन बेटी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं और उनका कहना है कि इसके पीछे कोई और है। रोशनी की बातों पर यकीन करें तो उन्हें अपनों से ही दर्द मिला।
चार साल से वह अपने परिजनों की प्रताड़ना सह रही थी। केवल पैसों के लिए उसका उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में उन्होंने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया है और वह सम्मान के साथ जीवन बिताने की कोशिश में जुटी हैं।
रोशनी ने संवाद न्यूज एजेंसी के साथ अपना दर्द साझा किया। इस दौरान उनकी आंसू छलक पड़े। कहा कि उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की और वर्ष 2017 में नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में स्टाफ नर्स के पद पर उन्हें तैनाती पाई। रकम जमा कर उन्होंने हल्द्वानी के काठगोदाम में एक घर खरीदा तो यह बात परिजनों को खटक गई।
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